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ब्रह्रम्‍चर्य व कुण्‍डलिनी जागरण की सफलतम विधि by Osho

  ब्रह्रम् ‍ चर्य व कुण् ‍ डलिनी जागरण की सफलतम विधि जीवन ऊर्जा है, शक्ति है। लेकिन साधारणत: तुम् ‍ हारी जीवन-ऊर्जा नीचे की और प्रवाहित हो रही है। इसलिए तुम् ‍ हारी सब जीवन ऊर्जा अनंत वासना बन जाती है। काम वासना तुम् ‍ हारा निम् ‍ नतम चक्र है। तुम् ‍ हारी ऊर्जा नीचे गिर रही है। और सारी ऊर्जा काम केन् ‍ द्र पर इकट्ठी हो जाती है। इस लिए तुम् ‍ हारी सारी शक्ति कामवासना बन जाती है। एक छोटा सा प्रयोग, जब भी तुम् ‍ हारे मन में कामवासना उठे तो, ड़रो मत शांत होकर बैठ जाऔ। जोर से श् ‍ वास को बहार फेंको—उच् ‍ छवास। नाक से ही श् ‍ वास को जाेर से छोडना हैै। भीतर मत लो श् ‍ वास को— क् ‍ योंकि जैसे भी तुम भीतर गहरी श् ‍ वास को लोगे, भीतर जाती श् ‍ वास काम ऊर्जा को नीचे की धकाती है। बस श् ‍ वास को बाहर फेकों और गुदाद्वार (rectum) को अंदर की तरफ खीच लो। जब सारी श् ‍ वास बहार फिंक जाती है, तो तुम् ‍ हारा पेट और नाभि ‍ वैक् ‍ यूम हो जाती है, शून् ‍ य हो जाती है। और जहां कहीं शून् ‍ य हो जाता है, वहां आसपास की ऊर्जा शून् ‍ य की तरफ प्रवाहित होने लगती है। शून् ‍ य खींचता है, क् ‍ योंकि प्रकृति शून् ‍ य क
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 Visibility of light during meditation. You can see different types of light during meditation. White, yellow, red, beige, blue, green, mixed, like a flash of lightning, like a blazing sun, like a fiery fire, like a sparkling spark, or as a bright moon star, you can see all this light within us. K appears on his mental screen in Chidakash. All these types of light are the light of the five elements located in our body. Our body is made up of five elements and each element has its own color. The earth element is yellow, the water element is white, the fire element is red, the air element is muddy and the sky is blue. Therefore, whatever element will have priority in your body, you will mostly see the light of the color of that element during meditation. Yellow and white light is mainly experienced by all seekers, but only a few people see red and blue light. In the initial state of meditation, you may see white light in the shape of the needle tip on your beard, third eye, or you may se
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  ध्यान साधना के दौरान प्रकाश का दिखाई देना । ध्यान के दौरान आपको विभिन्न प्रकार के प्रकाश दिखाई दे सकते है । सफेद, पीला, लाल, मटमैला, नीला, हरा, मिश्रित, बिजली की चौंध की तरह, चमकते सुर्य की तरह, भभकती अग्नि की तरह, भड़कती चिंगारियों की तरह अथवा चमकते चाँद तारों जैसा प्रकाश आपको दिखाई दे सकता है ये सभी प्रकाश हमे भीतर के चिदाकाश मे अपने मानसिक पटल पर दिखाई देते है । यह सभी तरह के प्रकाश हमारे शरीर मे स्थित पंच तत्वों के प्रकाश होते है । हमारा शरीर पंच तत्वों से मिलकर बना है और हर तत्व का अपना एक रंग है । पृथ्वी तत्व का रंग पीला, जल तत्व का रंग सफेद, अग्नि तत्व का रंग लाल, वायु तत्व का रंग मटमैला और आकाश तत्व का रंग नीला होता है । अतः आपके शरीर मे जिस तत्व की भी प्रधानता होगी आपको अधिकतर उसी तत्व के रंग का प्रकाश ध्यान के दौरान नज़र आयेगा । पीला और सफेद प्रकाश मुख्यतः सभी साधक अनुभव करते है किन्तु लाल ओर नीला प्रकाश कम ही लोगो को दिखता है । ध्यान की आंरभिक अवस्था मे आपको अपनी भृकुटी पर, तृतीय नेत्र पर, सूई की नोक की आकार का सफेद प्रकाश दिखाई पड़ सकता है अथवा आपको अपने मानसिक पटल पर सफेद

small letter for my whole family

Hii All my viewers of World.  Its a very happy day here, at Himalaya. I could not post so long because i was meditating and having sadhana in my cave.  I will update soon the level and yes  there is a big surprise for you all... stay tune.. stay blessed take care from corona.
             हिप्नोटिक शक्ति- मानव में एक विशेष प्रकार की ऊर्जा और चुंबकीय-शक्ति है और इस शक्ति के माध्यम से ही मानव इतना रहस्यमय बन सका है। हिप्नोटिक शक्ति के मुख्य केन्द्र मनुष्य की आंखे और उंगलियों के सिरे होते हैं । उदाहरण के लिए आप अपने सिर का बाल तोड़ कर लटका दीजिए। इस बात का ध्यान रखें कि उस पर हवा का प्रभाव न हो या ऐसे स्थान पर नहीं लटका हुआ होना चाहिए जिससे कि बह हवा के प्रभाव से हिल सके । अब आप अपने दाहिने हाथ को किसी भी उंगली को उस बात के सिरे के पास धीरे-धीरे ले जाइए। आप देखेंगे कि कुछ दूरी रहने पर बाल खिच कर उंगली से चिपक जाता है, ठीक उसी प्रकार, जिस प्रकार चुम्बक लोहे की कील को अपनी ओर खींचता है। जब व्यक्ति किसी अपने प्रिय का चिन्तन करता है या उसके बारे में सोचता है तो उसका सारा शरीर एक बिशेष चुम्बकीय विद्युत से प्रवाहित होने लगता है और उसके सारे शरीर में झनझनाहट-सी दौड जाती है, यह झनझनाहट विद्युत का वेग है। कई बार हाथों की उंगलियों में यह झनझनाहट अनुभव होती है। हम कई बार देखते हैं कि किसी प्रेमिका को अचानक जब उसका प्रेमी दिखाई दे जाता है तो उसका चेहरा लाल हो जा